जुदाई और दूरियों की कहानियाँ
धीरे-धीरे दूर होते रिश्तों, छूटे हुए समय, अनकहे अलविदा और शब्दों से पहले बढ़ती भावनात्मक दूरी की कहानियाँ।
6 कहानियाँ
इस विषय के लिए चुनी गई हिंदी कहानियों का सधा हुआ संग्रह।
एयरपोर्ट पिकअप, आर्काइव चैट और भोपाल की वह आखिरी ड्राइव
वह उसे लेने एयरपोर्ट आया था, जैसे सिर्फ एक सवारी करनी हो। लेकिन ट्रॉली के पहियों, पार्किंग की रोशनी और रास्ते भर चुप पड़े फोन के बीच दोनों को समझ में आने लगा कि archived chat में डाली गई बातों की तरह रिश्ते भी गायब नहीं होते; वे बस नोटिफ़िकेशन बंद करके भीतर शोर करते रहते हैं।
एयरपोर्ट पिकअप के बाद जो रिश्ता नाम मांगने लगा
वह उसे लेने एयरपोर्ट आया था, जैसे कुछ टूटा ही न हो। लेकिन ट्रॉली के पास खड़ी वह लड़की अब वही नहीं थी जो हर अनकही बात को प्यार समझ लेती थी। रास्ते भर बेंगलुरु की रोशनी, पुराने स्क्रीनशॉट, UPI split की एक छोटी-सी शर्म और एक बड़े सवाल ने उनका पीछा किया—क्या हर नज़दीकी को नाम चाहिए, या बिना नाम के वही धीरे-धीरे खत्म हो जाती है?
एयरपोर्ट पिकअप, मैच-नाइट चुहल और कानपुर की वह वापसी
आठ महीने बाद एयरपोर्ट पर हुई मुलाक़ात, रास्ते भर बजती मैच-कमेंट्री और बीच-बीच में गिरते मीम्स—कानपुर की उस रात उन्हें तय करना था कि उनका रिश्ता सचमुच खत्म हो चुका है या बस सुना नहीं गया था।
देहरादून हॉस्टल ब्रेक के बाद की नज़दीकी
देहरादून हॉस्टल ब्रेक के बाद की नज़दीकी — समकालीन भारतीय माहौल, रिश्तों की गर्माहट, झिझक, आलिंगन, चुंबन और भावनात्मक उतार-चढ़ाव से भरी एक लंबी हिंदी कहानी।
शिमला स्नो वॉक में गर्म हुई दूरियाँ
शिमला स्नो वॉक में गर्म हुई दूरियाँ — समकालीन भारतीय माहौल, रिश्तों की गर्माहट, अपनापन, झिझक, आलिंगन और चुंबन की नरम आहट से भरी एक लंबी हिंदी भावनात्मक कहानी।
नाशिक वाइनयार्ड ट्रिप में बढ़े फ़ासले कम
नाशिक वाइनयार्ड ट्रिप में बढ़े फ़ासले कम — समकालीन भारतीय माहौल, रिश्तों की गर्माहट, झिझक, आलिंगन, चुंबन और भावनात्मक उतार-चढ़ाव से भरी एक लंबी हिंदी कहानी।